Clicky

Pharmacy Website
Clinic Website
TabletWise.com TabletWise.com
 
एचपीवी एक यौन संचारित संक्रमण है और इससे सर्वाइकल कैंसर हो सकता है।

ह्यूमन पैपिलोमावायरस के इलाज की खोज

लेखक   •  
शेयर
ह्यूमन पैपिलोमावायरस के इलाज की खोज
Read in English

मैक्सिकन वैज्ञानिक ने नेशनल पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट (IPN) के नेशनल स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज (ENCB) में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के लिए इलाज की खोज की।

एचपीवी के लिए यह इलाज चिकित्सा थेरेपी के रूप में खोजा गया है जिसके परिणामस्वरूप यह संक्रमण 100% खत्म हो सकता है। एचपीवी एक यौन संचारित संक्रमण है। यह त्वचा से त्वचा के संपर्क के माध्यम से एक से दूसरे को हो जाता है।

ज्यादातर मामलों में, एचपीवी कोई लक्षण पैदा नहीं करता और खुद से ही खत्म हो जाता है। एचपीवी दुनिया में बहुत लोगों को होता है और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण बन सकता है।

वैज्ञानिक पिछले 20 वर्षों से एचपीवी का इलाज ढूंढ रहे हैं। ईवा रमोन गैलीगोस, एक मैक्सिकन वैज्ञानिक ने यह खोज की है। विश्व कैंसर दिवस 2019 के अवसर पर, यह खोज घोषित की गई थी कि प्रकाश-गतिक चिकित्सा गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के पूर्व विघातक घावों के साथ-साथ विषाणु को भी समाप्त करती है।

नैदानिक परीक्षण के दौरान वेराक्रूज और ओक्साका राज्य के लगभग 420 रोगियों का उपचार इस चिकित्सा पद्धति से किया गया है। इस के अलावा मेक्सिको शहर में 29 लोग जो एचपीवी से संक्रमित थे, उनके गर्भाशय ग्रीवा पर पूर्व विघातक घाव थे या दोनों स्थितियां थी।

इस उपचार में एमिनोलेवुलिन डेल्टा एसिड नामक एक दवा को गर्भाशय ग्रीवा पर लगाना शामिल है जो 4 घंटे के बाद प्रोटोपॉर्फिरीन IX में बदल जाती है। यह रसायन फिर क्षतिग्रस्त कोशिकाओं में इकट्ठा होता है और एक लेजर बीम को छोड़ता है।

यह उपचार तीन बार 48 घंटे के अंतराल में किया गया जिसमें विकिर्ण का समय घाव के प्रकार और मामले के ऊपर निर्भर करता था।

इस प्रक्रिया के दौरान, वैज्ञानिकों ने यह पता लगाया की जिन रोगियों में घाव के बिना विषाणु था, उनमें एचपीवी 85% समाप्त हो गया। घाव के साथ एचपीवी से संक्रमित लोगों में चिकित्सा की सफलता दर 85% था। एचपीवी के बिना घाव वाले रोगियों में 42% सफलता दर रहा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल लगभग 3,00,000 महिलाएं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के कारण मर जाती हैं।

2018 में, मानव पैपिलोमावायरस एंड रिलेटेड डिज़ीज़िज़ रिपोर्ट 2018 भारत के अनुसार भारत में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लगभग 96,922 मामलों का निदान किया गया था। जबकि उसी वर्ष मैक्सिको में मानव पैपिलोमावायरस एंड रिलेटेड डिज़ीज़िज़ रिपोर्ट 2018 के अनुसार मेक्सिको में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लगभग 7,869 मामलों का निदान किया गया था।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रक्रिया सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यह प्रक्रिया केवल क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को हटाती है और स्वस्थ अंगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

इस इलाज के साथ अब एचपीवी को रोका और इसका उपचार किया जा सकता है। इससे दुनिया भर के उन लोगों को उम्मीद मिलती है जो एचपीवी से संक्रमित हैं।

ताज़ा खबर

TabletWise.com