Clicky

Pharmacy Website
Clinic Website
TabletWise.com TabletWise.com
 
कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब अल्जाइमर का पता लगा सकती है।

अब अल्जाइमर का पता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा लगाया जा सकता है

लेखक दामिनी  •  
शेयर
अब अल्जाइमर का पता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा लगाया जा सकता है
Read in English

शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब अल्जाइमर का पता लगा सकता है। एक अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं के बनाये एक अद्वितीय एल्गोरिथ्म ने वास्तविक निदान से लगभग छह साल पहले बीमारी का पता लगाने के लिए सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए।

यह अध्ययन रेडियोलॉजी में प्रकाशित किया गया है। यह शोध डॉक्टरों को बीमारी के विकास में हस्तक्षेप करने की अनुमति देगा।

अल्जाइमर के शुरुआती निदान में कई चुनौतियां हैं। प्रारंभिक निदान में रोग के कई लक्षण अनदेखे रह जाते हैं।

अल्जाइमर रोग का पता कैसे लगता है?

पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) गंभीर होने से पहले अल्जाइमर रोग को स्कैन करने के लिए एक प्रमुख उपकरण है। यह मस्तिष्क में ग्लूकोज जैसे विशिष्ट अणुओं के स्तर को मापता है। ग्लूकोज का स्तर देखा जाता है क्योंकि यह मस्तिष्क की कोशिकाओं के लिए मुख्य ईंधन है जो उन्हें सक्रिय रखता है।

अल्जाइमर रोग तब होता है जब मस्तिष्क की कोशिकाएं कम ग्लूकोज स्तर के परिणामस्वरूप मर जाती हैं। लेकिन, अल्जाइमर रोग बहुत धीमी गति से विकसित होता है और आसानी से स्पॉट करना मुश्किल होता है।

शोधकर्ताओं ने अल्जाइमर रोग न्यूरोइमेजिंग इनिशिएटिव (ADNI) द्वारा उपलब्ध कराए गए पीईटी स्कैन डेटा पर एक गहरी मशीन लर्निंग एल्गोरिथम का उपयोग किया। पीईटी स्कैन डेटा उन रोगियों का था जिन्हें अल्जाइमर रोग, हल्के संज्ञानात्मक हानि, या जिनके पास बीमारी नहीं है।

प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए 2 डेटासेट पर एल्गोरिदम का परीक्षण किया गया था। एल्गोरिदम ने पहले टेस्ट सेट के 92 प्रतिशत और दूसरे टेस्ट सेट के 98 प्रतिशत रोगियों में अल्जाइमर रोग का पता लगा लिया। आश्चर्यजनक रूप से, एल्गोरिथम औसतन 75.8 महीने पहले भविष्यवाणी करने में सक्षम था।

शोध टीम अब एल्गोरिथ्म को एक बड़े डेटासेट पर तैनात करना चाहती है। यह इष्टतम प्रदर्शन सुनिश्चित करेगा।

यूसीएसएफ के डॉ जे हो होन और डॉ बेंजामिन फ्रैंक इस अध्ययन के सह-लेखक हैं।

ताज़ा खबर

TabletWise.com