Clicky

Pharmacy Website
Clinic Website
TabletWise.com TabletWise.com
 
अध्ययन के अनुसार, महाधमनी की शल्यचिकित्सा के बाद 80 प्रतिशत महिलाओं की मरने की संभावना होती है।

महाधमनी की शल्यचिकित्सा महिलाओं के लिए विनाशकारी हो सकती है

लेखक   •  
शेयर
महाधमनी की शल्यचिकित्सा महिलाओं के लिए विनाशकारी हो सकती है
Read in English

नए अध्ययनों से पता चला है कि किसी भी प्रकार की हृदय शल्यचिकित्सा से गुजरने वाली महिलाओं में हानिकारक समस्याएं विकसित हो सकती हैं या यहाँ तक की उनकी मृत्यु भी हो सकती है।

यह अध्ययन 13 फरवरी 2019 को सर्कुलेशन जर्नल में प्रकाशित हुआ था।

महाधमनी मानव शरीर में मुख्य और सबसे बड़ी धमनी होती है जो हृदय को निचले शरीर से जोड़ती है। यह कभी-कभी फूल सकती या फट भी सकती है, जिससे घातक आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है। शोधकर्ताओं ने 1700 कनाडा के पुरुषों और महिलाओं की जांच करने के लिए एक तुलनात्मक अध्ययन किया है जो महाधमनी की शल्यचिकित्सा करवा चुके हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, अपनी महाधमनी को ठीक करने के लिए एक ही तरह की शल्य-चिकित्सा से गुज़रते हुए महिलाओं को 40 प्रतिशत ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 90 प्रतिशत महिलाओं में स्ट्रोक होने की संभावना अधिक होती है, जबकि 80 प्रतिशत में शल्यचिकित्सा के बाद मरने की संभावना होती है।

डॉ. जेनिफर चुंग, अध्ययन की लेखिका और टोरंटो में यूनिवर्सिटी हेल्थ नेटवर्क के पीटर मंक कार्डियक सेंटर की शल्य चिकित्सक कहा, "हमने मरीजों की उम्र, वजन, पूर्व-संचालक स्वास्थ्य, सह-रुग्णता को नियंत्रित किया, और जब हमने इस सब को एक साथ लेकर विचार किया, तो महाधमनी आर्क शल्यचिकित्सा को देखते हुए हमने यह पाया कि, यदि आप एक महिला हैं तो आपके मरने की संभावना से दोगुना से थोड़ी कम है।"

डॉ. चुंग ने यह भी कहा, "यह हमें समझने में मदद करता है कि यह शल्यचिकित्सा पुरुषों और महिलाओं के लिए एक समान नहीं होनी चाहिए और यह कि हमें खुद को महिलाओं में जल्द ही लक्षणों को समझने के बारे में शिक्षित करना चाहिए, और हमें अधिक इसके बारे में शोध करने की आवश्यकता है।"

अध्ययन के एक अन्य लेखक डॉ. माइकल चू, जो लॉसन हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक चिकित्सक-वैज्ञानिक हैं, उन्होनें कहा, “हृदय चिकित्सा में यौन-विशिष्ट विचार सर्वोपरि हैं, और वक्ष महाधमनी शल्यचिकित्सा से मिले परिणामों को देखते हुए हमने आज तक के सबसे बड़े अध्ययन में इसकी जांच की। "

इसके अलावा, उन्होंने कहा, "हृदय चिकित्सा में अन्य क्षेत्रों के समान, हमारे अध्ययन से पता चलता है कि बाद में मौजूद महिलाओं में रोग की प्रक्रिया संभवतया असामान्य लक्षण जैसे मतली के साथ होती है। यह जब मरीज महाधमनी विच्छेदन या टूटी हुई महाधमनी की तरह कुछ अनुभव करते हैं ऐसी आपातकालीन स्थितियों में महिलाओं और पुरुषों के बीच परिणाम के अंतर को समझा सकता है।"

वैज्ञानिकों की एक टीम अब इसके पीछे का कारण खोजने के लिए शोध कर रही है। उनके अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में नाजुक हृदय और रक्त वाहिकाएं ऊतक होते हैं। इसलिए उनकी शल्यचिकित्सा को उनके शरीर के अनुसार व्यक्तिगत होने की आवश्यकता होती है। हालांकि, रोग के परिणाम और लिंग पर इसके प्रभाव को स्वीकार करने के लिए और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

ताज़ा खबर

TabletWise.com