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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रणाली से प्राप्त परिणाम 101 विकिरण वैज्ञानिकों के उपयोग से उत्पन्न परिणाम के समान हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से स्तन कैंसर का पता लगाया जा सकता है

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से स्तन कैंसर का पता लगाया जा सकता है
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नए अध्ययन से पाया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम स्तन कैंसर के लक्षणों को विकिरण विज्ञानी की तरह सही तरीके से पहचान सकता है।

यह अध्ययन 5 मार्च, 2019 को जर्नल ऑफ़ नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट में प्रकाशित हुआ था।

आज स्तन कैंसर विश्व स्तर पर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है। हर साल 2.1 मिलियन (21 लाख) महिलाओं को स्तन कैंसर का सामना करना पड़ता है।

पिछले वर्षों में दवाओं और चिकित्सा में कई सुधारों के बावजूद, यह अभी भी मरने का सब से बड़ा कारण है। इसकी वजह से लगभग 5,00,000 लोग मारे जाते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, पारंपरिक रूप से स्तन कैंसर की जांच करने के लिए डॉक्टर विकिरण विज्ञान का उपयोग करके मैमोग्राफी (स्तन चित्रण) करते हैं। हालांकि, इस नए अध्ययन के चलते, शोधकर्ताओं ने कैंसर का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स (एआई) के परिणाम की तुलना 101 विकिरण विज्ञानिओं के परिणाम से की है।

शोधकर्ताओं ने नौ मल्टी-रीडर का विश्लेषण किया और कुल 2652 परीक्षणों के साथ कई मामलों के अध्ययन से जानकारी एकत्र की। इनमें से 663 मामले संक्रमित थे। इस शोध के परिणाम में पाया गया कि एआई के उपयोग से उत्पन्न परिणाम 101 विकिरण वैज्ञानिकों के समान सटीक हैं।

शोधकर्ताओं का दावा है कि एआई तीन दशकों से स्तन के घावों का पता लगाने में मदद कर रही है। हालांकि, किसी भी शोध ने यह साबित नहीं किया है कि ये प्रणालियां विकिरण वैज्ञानिकों के समान ही सटीक हैं या यहां तक ​​कि ये सस्ती भी हैं। जिसकी वजह से डॉक्टरों को मैमोग्राफी करने के लिए एआई तकनीक का उपयोग करना जरूरी हो गया।

अध्ययन के लेखको में से एक लेखक, लोनीस सेचोपोलोस ने कहा, "इससे पहले कि हम यह तय कर सकें कि स्तन कैंसर की मैमोग्राफी करने के लिए हम किस हद तक एआई प्रणाली का उपयोग कर सकते हैं, हमें ये जानना होगा कि ये प्रणाली वास्तव में कितनी अच्छी है"।

इसके अलावा, उन्होंने कहा, "यह देखना रोमांचक था कि ये प्रणालियां न केवल विकिरण वैज्ञानिकों के प्रदर्शन के स्तर तक पहुंच गई हैं, बल्कि उन विकिरण वैज्ञानिकों के स्तर तक भी जो अपना अधिकतर समय स्क्रीनिंग मैमोग्राम पढ़ने में बिताते हैं।"

रिपोर्टों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रणाली से प्राप्त परिणाम 101 विकिरण वैज्ञानिकों के उपयोग से उत्पन्न परिणाम के समान हैं। हालांकि, मैमोग्राफी के साथ स्तन कैंसर की जांच करने के लिए इसके प्रदर्शन और इसके प्रभाव को सुनिश्चित करने के लिए ओर अधिक जांच की आवश्यकता है।

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