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1,000 बच्चों में से 1 में बोलने की चेष्टा-अक्षमता मौजूद होती है।

बच्चों में बोलने के विकार के कारण का पता चला

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बच्चों में बोलने के विकार के कारण का पता चला
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मर्डोक चिल्ड्रन्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने बोलने की चेष्टा-अक्षमता के कारण की पहचान की है, जो बच्चों में बोलने से संबंधित एक समस्या है। यह अध्ययन 23 जनवरी 2019 को ब्रेन जर्नल में प्रकाशित हुआ था।

बोलने की चेष्टा-अक्षमता बच्चों के बोलने का एक विकार है। यह विकार बच्चे के बोलने की क्षमता को प्रभावित करता है।

अभी तक इस विकार की उत्पत्ति को समझना मुश्किल था। इसका उत्तर ढूंढ़ने के लिए, वैज्ञानिकों ने बोलने से जुड़े मस्तिष्क के मुख्य वाणी मार्ग में असामान्यताओं की पहचान की।

अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने चेष्टा-अक्षमता से पीड़ित रोगियों में एक मुख्य मस्तिष्क मार्ग में अनियमितताओं की खोज की। सात परिवारइस अध्ययन का हिस्सा थे। वैज्ञानिकों द्वारा चेष्टा-अक्षमता से पीड़ित परिवारों के सदस्यों का अध्ययन किया गया।

रोगियों का अध्ययन करते समय, वैज्ञानिकों ने विभिन्न परीक्षण किए जिनमें से एक एमआरआई स्कैन था। एमआरआई स्कैन के दौरान, वैज्ञानिकों को कोई भी असामान्यता नहीं मिली। हालांकि, जब वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क तंत्रिका तंत्र विश्‍लेषण का उपयोग किया, तो उन्होंने मस्तिष्क में असामान्यताओं की पहचान की। परिणामों ने बोलने के लिए एक प्रमुख मस्तिष्क क्षेत्र में मुख्य अंतर दर्शाए।

एंजेला मॉर्गन, वाणी विकृति विज्ञान की महाध्यापका और अध्ययन की प्रमुख लेखिका ने कहा, "चेष्टा-अक्षमता से पीड़ित बच्चे स्पष्ट रूप से ठीक से बोल नहीं पाते और आवाज़ों को अच्छी तरह से जोड़ नहीं पाते, उनके शब्दों का समय और क्रम भी प्रभावित होता है।"

मॉर्गन ने यह भी कहा कि "लोग यह समझने के लिए संघर्ष करते हैं कि चेष्टा-अक्षमता के विकार से संबधी बच्चे क्या कहना चाहते हैं, इसका सामाजिक संबंधों, आत्म-सम्मान, पढ़ाई और जीवन की गुणवत्ता को बनाने की उनकी क्षमता पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।"

अमेरिकन स्पीच-लैंग्वेज हियरिंग एसोसिएशन के अनुसार, 1,000 बच्चों में से 1 में बोलने की चेष्टा-अक्षमता मौजूद होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़कियों की तुलना में लड़कों में बोलने की चेष्टा-अक्षमता अधिक होती है।

ऐसा कहा जाता है, कि अध्ययन के परिणाम अब बोलने के विकृति विज्ञान और तंत्रिका विज्ञानियों को चेष्टा-अक्षमता से पीड़ित बच्चों के लिए विकासशील उपचार बनाने की दिशा में काम करने में मदद कर सकते हैं।

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