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कॉफी में ऐसे यौगिक मौजूद होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ अच्छे भी हो सकते हैं।

कॉफी का सेवन कर सकता है पौरुष ग्रंथि के कैंसर का इलाज

लेखक कनिका  •  
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कॉफी का सेवन कर सकता है पौरुष ग्रंथि के कैंसर का इलाज
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शोधकर्ताओं ने पाया है कि कॉफी में मौजूद यौगिक पौरुष ग्रंथि के कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोक सकते हैं। यह अध्ययन बार्सिलोना में यूरोलॉजी एसोसिएशन ऑफ यूरोलॉजी कांग्रेस में प्रस्तुत किया गया है।

यह शोध द प्रोस्टेट नामक पत्रिका में प्रस्तुत किए गए एक अध्ययन पर आधारित है। शोधकर्ताओं के अनुसार, कॉफी में ऐसे यौगिक मौजूद होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ अच्छे भी हो सकते हैं।

अध्ययन में कहा गया है कि कॉफी में पाए जाने वाले काविओल एसीटेट और कैफ़ेस्टल नामक यौगिक पौरुष ग्रंथि के कैंसर और अन्य प्रकार के कैंसर के विकास को रोकने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

ये यौगिक हाइड्रोकार्बन होते हैं जो सामान्य रूप से अरेबिका कॉफी में पाए जाते हैं। यह कॉफी बनाने की प्रक्रिया पर निर्भर करता है कि क्या कॉफी बनने के बाद वह उसमें बने रहते हैं या छन कर निकल जाते हैं।

यह अध्ययन एक चूहे के मॉडल पर और कोशिका संवर्धन (पेट्री डिश) में दवा प्रतिरोधी कैंसर कोशिकाओं पर किया गया था। प्रारंभ में, यह प्रयोग एक पेट्री डिश में छह यौगिकों पर किया गया था जो सामान्य रूप से कॉफी में मौजूद होते हैं।

शोधकर्ताओं ने पाया कि संयुक्त काविओल एसीटेट और कैफ़ेस्टल के साथ इलाज करने पर पौरुष ग्रंथि के कैंसर की कोशिकाओं का विकास दूसरों की तुलना में धीमा हो जाता है। शोधकर्ताओं ने फिर 16 चूहों पर काविओल एसीटेट और कैफ़ेस्टल का परीक्षण किया।

इनमें से 4 का उपचार काविओल एसीटेट यौगिक के साथ, 4 का कैफ़ेस्टल के साथ किया गया था, 4 चूहे कंट्रोल थे, और बाकियों का उपचार काविओल एसीटेट और कैफ़ेस्टल के संयोजन के साथ किया गया था।

जापान के डिपार्टमेंट ऑफ़ इंटीग्रेटिव कैंसर थेरेपी ऐंड यूरोलॉजी से अध्ययन के प्रमुख डॉ. हिरोकी इवामोटो ने कहा, "ये संयोजन में उपयोग किए जाने पर ही काम करता है, जिससे अनुपचारित चूहों की तुलना में ट्यूमर का विकास काफी धीमा हो जाता है।"

उन्होंने यह भी कहा, "11 दिनों के बाद, अनुपचारित ट्यूमर मूल मात्रा (342%) से लगभग साढ़े तीन गुना बढ़ गया था, जबकि दोनों यौगिकों के साथ इलाज किए गए चूहों में ट्यूमर मूल आकार से सिर्फ डेढ़ गुना (167%) अधिक ही बढ़ा।”

जापान के डिपार्टमेंट ऑफ़ इंटीग्रेटिव कैंसर थेरेपी ऐंड यूरोलॉजी के प्रोफेसर असुशी मिज़ोकामी ने कहा, "ये आशाजनक निष्कर्ष हैं, लेकिन इससे लोगों को अपनी कॉफी की खपत में बदलाव नहीं करना चाहिए। कॉफी के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव हो सकते हैं (उदाहरण के लिए यह उच्च रक्तचाप को बढ़ा सकती है), इसलिए हमें इसके नैदानिक ​​अनुप्रयोगों के बारे में सोचने से पहले इन निष्कर्षों के पीछे के तंत्र के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता है।"

ये यौगिक वैज्ञानिक रूप से आसानी से उपलब्ध होते हैं और आगे की जांच के साथ, यह ट्यूमर की कोशिकाओं के उपचार के लिए उपयोगी हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, मनुष्यों पर इसे लागू करने से पहले और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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