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विद्युत उपकरणों से निकलने वाली कृत्रिम नीली रोशनी खराब नींद होने का सबसे बड़ा कारण है।

रात में विद्युत उपकरण सोने के चक्र को उत्तेजित कर सकते हैं

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रात में विद्युत उपकरण सोने के चक्र को उत्तेजित कर सकते हैं
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नए अध्ययनों से साबित हुआ है कि सोने से एक घंटे पहले स्मार्टफोन या किसी भी तकनीकी उपकरणों का उपयोग करने से नींद पर बुरा प्रभाब पड़ सकता है। यह बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों तरह से हानिकारक हो सकता है।

ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने लगभग 6,616 बच्चों की जांच की है जिसमें ज्यादातर बच्चों की उम्र 12 साल की थी। इन बच्चों को मोबाइल फोन, कंप्यूटर, टेलीविजन, टैबलेट और अन्य मनोरंजक विद्युत उपकरणों का उपयोग करने के लिए कहा गया था।

यह अध्ययन इन्वायरनमेंट इंटरनेशनल में प्रकाशित किया गया था। यह अध्ययन बच्चों के सोने के समय को निर्धारित करने और उनके सोने के व्यवहार को समझने के लिए किया गया था। शोधकर्ताओं ने देखा कि वह कितनी देर तक सोते रहे और उन्हें सोने में कितना समय लगा।

शोध के अनुसार, सोने से पहले स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी या किसी भी अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग हमारी सिर्केडियन ताल (शरीर की आंतरिक घड़ी) में देरी करता है। यह मेलाटोनिन (एक नींद-उत्प्रेरण हार्मोन) की रिहाई को वश में कर सकता है, जिससे सोने में परेशानी होती है। सभी विद्युत उपकरणों से निकलने वाली एक कृत्रिम नीली रोशनी रात की नींद ख़राब करने का सबसे बड़ा कारण है।

रात में ऐसे उपकरणों का अधिक उपयोग करने से सोने में कठनाई होती है । हर रोज़ रात को सोने से पहले इन उपकरणों का ज्यादा उपयोग करने से हमारी आरईएम (रैपिड ऑय मूवमेंट) नींद पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यह आपको याद रखने, सीखने और मनोदशा को संतुलित करने के लिए जिम्मेदार होती है।

माइकल ओ. मिरेकु लिंकन विश्वविद्यालय के एक व्याख्याता ने कहा, "इन निष्कर्षों को भविष्य के अध्ययनों में पुष्टि करने की आवश्यकता है, लेकिन माता-पिता को बस इस संभावित संबंध के बारे में पता होना चाहिए।"

शोधकर्ताओं के अनुसार, जो बच्चे रात में मोबाइल फोन और टीवी का इस्तेमाल करते हैं, उनके देर से जागने का दर 60 प्रतिशत अधिक होता है और उन्होंने गुणवत्ता वाले जीवन परीक्षण पर कम स्कोर किया। अध्ययन के अनुसार, अंधेरे में स्क्रीन का उपयोग आरईएम नींद के लिए ज्यादा हानिकारक होता है बजाये रोशनी में स्क्रीन का उपयोग करने से। समय के साथ, ये एक गंभीर नींद की बीमारी बन सकती है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, सोने से पहले कम से कम 30 मिनट तक किसी भी विद्युत उपकरण का उपयोग करना बंद कर देना चाहिए। और जितना पहले इसका इस्तेमाल बंद करेंगे, इसके लाभ उतने ही अधिक होंगे।

शोधकर्ताओं ने मनोरंजन के रूप में किताबें पढ़ने की सलाह दी है, फिर वो चाहे किंडल पेपरव्हाइट या छपी हुई पुस्तकें हों, जिसकी वजह से मस्तिष्क या आपकी आंखों पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता।

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