Pharmacy Website
Clinic Website
TabletWise.com TabletWise.com
 
दोपहर और शाम को किए जाने वाला उच्च तीव्रता वाला व्यायाम भूख को कम करता है।

शाम का व्यायाम नींद को प्रभावित किए बिना भूख को कम करने में मदद कर सकता है

लेखक   •  
शेयर
शाम का व्यायाम नींद को प्रभावित किए बिना भूख को कम करने में मदद कर सकता है
Read in English

नए अध्ययन से पता चला है कि शाम को 30 मिनट के लिए किए जाने वाला उच्च तीव्रता वाला व्यायाम नींद पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता, लेकिन भूख को कम करने में मदद करता है।

यह शोध 23 फरवरी 2019 को एक्सपेरिमेंटल फिजियोलॉजी में प्रकाशित हुआ था।

यह प्रयोग ऑस्ट्रेलिया की चार्ल्स स्टर्ट विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा आयोजित किया गया था। उन्होंने इसके लिए ग्यारह मध्यम आयु वर्ग के पुरुषों को नियुक्त किया जो नींद और भूख की जांच के लिए एक प्रायोगिक परीक्षण के माध्यम से गुज़रे। उन्होंने सुबह 6-7 बजे के बीच, दोपहर में 2-4 बजे और शाम को 7-9 बजे के बीच व्यायाम किया।

प्रयोग के लिए, प्रतिभागियों को उच्च तीव्रता से साइकिल चलाने के लिए कहा गया जिसमें चार मिनट के अंतराल के साथ छह एक-एक मिनट की अधिकतम तीव्रता वाली चाल शामिल थी। भूख से संबंधित हार्मोनों की जांच करने के लिए कसरत करने से पहले और कसरत करने के बाद रक्त के नमूने लिए गए, और नींद के चरणों को जानने के लिए नींद के दौरान परीक्षणों की एक श्रृंखला भी की गई थी।

नतीजतन, परिणामों से पता चला कि शाम के व्यायाम से बाद की नींद पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। हालांकि, दोपहर और शाम को किया गया उच्च तीव्रता वाला व्यायाम भूख को कम करने वाले हार्मोन को कम करने में मददगार साबित हुआ, जिसे ग्रेलिन कहा जाता है।

अवलोकन से यह सुझाव मिला कि शाम को केवल उच्च तीव्रता वाले व्यायाम का सार्थक प्रभाव पड़ता है और केवल एक बार के लिए थोड़ा सा व्यायाम करना भूख में कमी से जुड़ा नहीं होता है।

अध्ययन के प्रमुख लेखक पेनेलोप लार्सन ने कहा, "भविष्य में, हम महिलाओं को नियुक्त करके इसी तरह के अध्ययन आयोजित करने की उम्मीद करते हैं, यह निर्धारित करने के लिए कि क्या लिंग के आधार पर नींद और भूख की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।"

लार्सन ने यह भी कहा, "इस अध्ययन में व्यायाम की केवल एक अवधि की बात की गई है; इसलिए, सुबह, दोपहर या शाम में किए जाने वाले उच्च-तीव्रता वाले व्यायाम के लिए लंबे समय तक की नींद और भूख अनुकूलन की जांच करना फायदेमंद होगा।”

यह अध्ययन लोगों की सीमित संख्या पर किया गया है। आगे के अध्ययन को व्यक्ति के लिंग को ध्यान में रखते हुए अन्य आयु वाले समूहों पर किए जाने की आवश्यकता है।

अध्ययनों के अंतिम परिणाम ने यह भी दिखाया कि प्रतिभागियों ने सुबह के समय की कसरत की तुलना में दिन के बाद के समय में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसलिए, दिन का समय भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावित कर सकता है।

ताज़ा खबर

TabletWise.com
Home
Saved

साइन अप