Pharmacy Website
Clinic Website
TabletWise.com TabletWise.com
 
भारत में, स्कूल जाने वाले 5-15% बच्चों और 2-10% वयस्कों में त्वचाशोथ पाया जाता है।

एफडीए ने किशोरों में डुपिक्सेन्ट दवा के उपयोग की मंजूरी दी

लेखक   •  
शेयर
एफडीए ने किशोरों में डुपिक्सेन्ट दवा के उपयोग की मंजूरी दी
Read in English

अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 12 से 17 वर्ष की आयु के रोगियों के लिए एक त्वचा औषधि 'डुपिक्सेन्ट' के उपयोग की मंजूरी दी है।

डुपिक्सेन्ट मध्यम से गंभीर त्वचाशोथ (एक्जिमा) के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक दवा है। इसका उपयोग उन रोगियों के लिए किया जाता है जब डॉक्टर द्वारा किसी और चिकित्सा की सलाह नहीं दी जाती है।

त्वचाशोथ त्वचा की खुजली से संबंधित एक प्रकार का शोथ है। इसके कारण त्वचा पर चकत्ते, खुजली, सूजन, दरारें, सूखापन और त्वचा के लाल होने जैसी समस्याएं होती हैं।

डुपिक्सेन्ट रीजेरॉन फार्मास्यूटिकल्स इनकॉर्पोरेशन और सनोफी द्वारा बनाई जाती है। एफडीए ने 2017 में वयस्कों में उपयोग के लिए डुपिक्सेन्ट को मंजूरी दी थी। हालांकि, किशोरों में इस दवा का उपयोग एफडीए द्वारा इससे पहले नहीं दिया गया था।

एफडीए ने 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में मध्यम से गंभीर अस्थमा के इलाज के लिए डुपिक्सेन्ट के उपयोग को अनुमोदित कर दिया है जिनका अस्थमा उनकी वर्तमान अस्थमा दवाओं से नियंत्रित नहीं होता।

किशोरों पर डुपिक्सेन्ट के उपयोग के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए कई नैदानिक परीक्षण किए गए थे। चरण 3 नैदानिक परीक्षण के दौरान, डुपिक्सेन्ट ने ऐसे परिणाम दिखाए जिसमें इस बीमारी और खुजली की गंभीरता में कमी के संकेत दिखाई दिए और किशोरों की त्वचा साफ़ हुई।

डुपिक्सेन्ट दो खुराकों में आती है। एक 200mg की होती है और दूसरी 300mg की होती है। यह पहले से भरे सिरिंज के रूप में उपलब्ध होती है। डुपिक्सेन्ट त्वचा के नीचे टीके के रूप में दी जाती है। यह टीका हर दूसरे सप्ताह दिया जाता है।

यह टीका केवल एक स्वास्थ्य दवाखाना से या स्वस्थ सुबिधा प्रदाता प्रदान करने वाला द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए। इस दवा के उपयोग के लिए एफडीए ने कुछ दिशानिर्देश भी दिए हैं।

एफडीए निर्दिष्ट करता है कि इस टीके को तब तक अपने आप नहीं लगाना चाहिए जब तक कि आपको अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता द्वारा यह नहीं बताया जाता कि यह टीका त्वचा पर कैसे और कहाँ लगाना चाहिए।

यह भी सलाह दी जाती है कि यदि मरीज को आंख की समस्या है या कोई टीकाकरण प्राप्त करना हो तो डुपिक्सेन्ट का उपयोग नहीं करना चाहिए। यह भी सलाह दी जाती है कि यदि आप गर्भवती हैं, या स्तनपान करवा रही हैं, तो इस तवा को इस्तेमाल करने से पहले अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से सलाह करें।

त्वचाशोथ से पीड़ित लोगों की संख्या पिछले कुछ वर्षों से बढ़ रही है। हर साल इसके सैकड़ों नए मामले सामने आते हैं। भारत में, त्वचाशोथ स्कूल जाने वाले बच्चों में 5-15% और वयस्कों में 2-10% में पाया जाता है।

नेशनल एक्जिमा एसोसिएशन के अनुसार, अमेरिका में एफडीए वयस्कों में 7.2% और 18 वर्ष से कम उम्र के लगभग 13% बच्चों में पाई जाती है।

मामलों की संख्या बढ़ने से, डुपिक्सेन्ट की मंजूरी त्वचाशोथ से पीड़ित रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देती है।

ताज़ा खबर

TabletWise.com
Home
Saved

साइन अप