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रक्तचाप में वृद्धि सभी स्ट्रोक के 29% और दिल के दौरे के 24% का कारण है।

एफडीए ने रक्तचाप के लिए एक नई जेनरिक दवा को मंजूरी दी

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एफडीए ने रक्तचाप के लिए एक नई जेनरिक दवा को मंजूरी दी
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उच्च रक्तचाप और हृद्पात जैसी बिमारियों का इलाज करने के लिए एक नई जेनरिक दवा वाल्सर्टन को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा मंज़ूरी दी गई है।

यह रिपोर्ट 12 मार्च 2019 को एफडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित हुई थी।

डियोवन, जिसे वाल्सर्टन भी कहा जाता है यह व्यक्ति के शरीर में उच्च रक्तचाप होने और हृदय की गति रुक जाने पर उसके इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक दवा है और हाल ही में बाजार में इसकी काफी कमी चल रही थी। यह माना जा रहा था कि इस दवा में कुछ नाइट्रोसेमीन की अशुद्धियां थीं और इसलिए कई निर्माताओं ने इसका उत्पादन भी बंद कर दिया था।

नाइट्रोसेमीन को एन-नाइट्रोसोडिमिथाइलैमाइन या एनडीएमए भी कहा जाता है और इसे कैंसर पैदा करने वाला एक रसायन माना जाता है। यदि दवाओं के उत्पादन के दौरान होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं पर सावधानीपूर्वक निगरानी न रखी जाए, तो एनडीएमए अपने आप ही पैदा हो जाता है।

कुछ कंपनियों ने बाजार में इस दवा की कमी का फायदा उठाते हुए इसके लिए अधिक कीमत वसूलना शुरू कर दिया। बाजार में इस दवा की कमी होने के कारण, एफडीए ने इस दवा की समीक्षा को प्राथमिकता दी।

एफडीए ने इस दवा का निर्माण करने वाली कंपनियों की निर्माण प्रक्रियाओं की समीक्षा की और यह सुनिश्चित किया कि उत्पादित सभी जेनरिक दवाएं कुशल परीक्षण तंत्र से गुजर कर बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध हों।

एफडीए द्वारा किया गया यह परीक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि बाजार में आने वाली वैलसर्टन दवा में एनडीएमए या एनडीईए तो नहीं है। इसका दूसरा काम यह भी निर्धारित करना होगा कि आगे की निर्माण प्रक्रियाओ में नाइट्रोसेमीन अशुद्धियों के पैदा होने का कोई खतरा न हो।

एनडीएमए से प्रभावित दवाओं की सूची केवल इस एक दवा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अन्य दवाएं भी शामिल हैं, जैसे अर्बेसार्टन और लोसार्टन। ऐसी दवाओं की पूरी सूची FDA की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

एफडीए के आयुक्त और एम. डी स्कॉट गोटलिब ने कहा, “जब बाजार में दवा की कमी की स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो एफडीए रोगियों पर कमी के प्रभाव को कम करने में मदद करने के लिए कई रणनीतियों को नियुक्त करता है। इसलिए हम कोशिश करते हैं की लंबित जेनरिक अनुप्रयोगों की समीक्षा को प्राथमिकता दे ताकि बाज़ार में दवा की कमी को कम किया जा सके।”

स्कॉट ने कहा, "हमें उम्मीद है कि आज की इस नई जेनरिक दवा की मंजूरी से बाजार में इसकी कमी को कम करने में मदद मिलेगी, और हम मौजूदा और भविष्य के उत्पादों के लिए दवा निर्माण प्रक्रियाओं के दौरान इन अशुद्धियों के गठन को रोकने के उपायों को लागू करना जारी रखेंगे।"

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, भारत में उच्च रक्तचाप एक बहुत ही आम समस्या है और यह 29% स्ट्रोक और 24% दिल के दौरे का कारण है।

एफडीए यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि बाजार में बेचने के लिए भेजी जाने वाली दवाएं सुरक्षित हैं और यह उन दवाओं में किसी भी तरह की अशुद्धियों के गठन पर भी जांच रखता हैं।

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