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यह नई मौखिक दवा सनोफी और लेक्सिकॉन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा बनाई गई है।

एफडीए पैनल मधुमेह की पहली मौखिक दवा को लेकर अनिश्चित

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एफडीए पैनल मधुमेह की पहली मौखिक दवा को लेकर अनिश्चित
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हाल ही में खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) की सलाहकार समिति ने 50-50 राय दी कि टाइप 1 मधुमेह के उपचार के लिए लेक्सिकॉन फार्मास्यूटिकल्स और फ्रांस की सनोफी द्वारा बनाई गई मौखिक दवा को मंजूरी दी जाए या नहीं।

सनोफी और लेक्सिकॉन फार्मास्युटिकल ने इस दवा का नाम सोटेग्लिफ़्लोज़िन (Sotagliflozin) रखा है। उन्होंने इसे ज़िनक्विस्टा के नाम से बेचने की योजना बनाई है। 24 जनवरी 2019 को हुई पैनल चर्चा में, शोधकर्ताओं ने सोटेग्लिफ़्लोज़िन की दैनिक खुराक के साथ इंसुलिन थेरेपी शुरू करने के लिए 8-8 वोट दिए।

दशकों से इंसुलिन का उपयोग मधुमेह के उपचार के लिए किया जाता है जिसके कारण अक्सर वजन बढ़ने और अधोमधुरक्तता (hypoglycemia) जैसे दुष्प्रभाव होते हैं। अधोमधुरक्तता एक ऐसी स्थिति है जिसमें एक मरीज़ के रक्त में शर्करा के स्तरों में अचानक और खतरनाक रूप से गिरावट होती है।

लेक्सिकॉन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पाब्लो पुर्ता द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, "सोटेग्लिफ़्लोज़िन, जिसका दो खुराकों में परीक्षण किया गया था, वह अधोमधुरक्तता के जोखिम को कम करते हुए ग्लूकोज़ के स्तर को प्रबंधित करने और बनाए रखने में मदद कर सकती है"।

दवा की प्रभावशीलता को देखने के लिए उन रोगियों पर इस दवा का परीक्षण किया गया था जो इस नैदानिक ​​परीक्षण का हिस्सा थे। हालांकि, एफडीए ने इस दवा के कारण केटोएसिडोस के जोखिम का दावा किया, जिससे विशेषज्ञ उलझन में पड़ गए कि क्या यह उपचार स्वीकृत होना चाहिए या नहीं।

केटोएसिडोस, उर्फ ​​DKA, एक जानलेवा स्थिति है जिसमें शरीर में एसिड का अत्यधिक प्रवाह होता है, इस एसिड को कीटोन कहा जाता है जो ऊर्जा के स्रोत के रूप में ग्लूकोज के बजाय शरीर में वसा का सेवन करता है।

मार्था नसोन, एक पैनल सदस्य जिन्होंने इसके खिलाफ मतदान दिया उनका कहना है, "मुझे विश्वास नहीं है कि ये एक सही तरीका है”

इस तरह के उपचार से गुजरने वाले मरीजों का कहना है कि इस दवा ने रक्त शर्करा के स्तर में उतार-चढ़ाव को कम किया और वजन घटाने में भी मदद की।

कंपनियां इस प्रस्ताव को लेकर आईं जिसमें जोखिम मूल्यांकन और शमन नीति (REMS) शामिल है। इस रणनीति के अनुसार, मरीजों और चिकित्सकों को एक पूर्ण जानकारी रखने के लिए नियमित रूप से अपने कीटोन के स्तर का परीक्षण करने की आवश्यकता होगी।

रिबेका ब्राउन, एक पैनल सदस्य जिसने इसकी स्वीकृति के लिए मतदान दिया था, उनके अनुसार, "अब आगे का कार्य एक REMS रणनीति तैयार करना होगा जो प्रभावी रूप से उन रोगियों और प्रदाताओं का चयन और रखरखाव करेगी जो इस दवा का उपयोग सबसे सुरक्षित तरीके से कर सकते हैं।"

अमेरिका में, हर साल मधुमेह के लगभग 40,000 नए मामले दर्ज होते हैं। जबकि लगभग 1.25 मिलियन (12.5 लाख) अमेरिकी टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित हैं।

इस बात की कोई निश्चितता नहीं है कि एफडीए ज़िनक्विस्टा को मंजूरी देगा या नहीं, अंतिम फैसला 22 मार्च 2019 तक हो जाएगा। साथ ही, ज़ेनक्विस्टा को मंज़ूरी मिलने पर सनोफी ने अभी इसकी बाज़ारी कीमत पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

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