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एड्वायर डिस्कस इनहेलर को तीन प्रकारों में बेचा जाएगा।

एफडीए ने पहले जेनेरिक अड्वॅर डिस्कस को मंजूरी दी

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एफडीए ने पहले जेनेरिक अड्वॅर डिस्कस को मंजूरी दी
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अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अस्थमा और चिरकारी अवरोधी फुप्फुस रोग (COPD) के इलाज के लिए पहले जेनेरिक एड्वायर डिस्कस इनहेलर को मंजूरी दी।

एफडीए ने 4 साल और उससे अधिक उम्र के रोगियों में अस्थमा के इलाज के लिए 30 जनवरी, 2019 को एड्वायर डिस्कस (फ्लुटिकसोन प्रोपियोनेट और सलमेटेरोल इनहेलेशन पाउडर) को मंजूरी दी। एड्वायर डिस्कस का उपयोग सीओपीडी (COPD) के रोगियों में एयरफ्लो बाधा के संरक्षण उपचार और एक्ससरबशंस को कम करने के लिए भी किया जा सकता है।

इनहेलर्स एक दवा और एक उपकरण का संयोजन है जो फेफड़ों के माध्यम से शरीर में दवा वितरित करता है। इस एड्वायर डिस्कस इनहेलर को अब तीन प्रकारों में बेचे जाने की अनुमति है: फ्लूटिकसोन प्रोपियोनेट 100 एमसीजी/सलमेटेरोल 50 एमसीजी, फ्लूटिकसोन प्रोपियोनेट 250 एमसीजी/सलमेटेरोल 50 एमसीजी और फ्लूटिकसोन प्रोपियोनेट 500 एमसीजी/सलमेटेरोल 50 एमसीजी।

नेशनल हार्ट, लंग्स एंड ब्लड इंस्टिट्यूट के अनुसार, अस्थमा एक पुरानी बीमारी है जो फेफड़ों को प्रभावित करती है और सीने में जकड़न का कारण बनती है, इससे बार-बार घरघराहट, सांस की तकलीफ और खांसी होती है। आमतौर पर, यह देखा गया है कि अस्थमा के रोगी बचपन से ही इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं, लेकिन यह बीमारी उम्र के बाद के चरणों में भी हो सकती है।

दूसरी ओर, सीओपीडी भी फेफड़ों की बीमारी है जो रोगी के लिए साँस लेना कठिन बना देती है। सीओपीडी खांसी का कारण बनता है जो बड़ी मात्रा में बलगम, घरघराहट, सांस की तकलीफ, सीने में जकड़न और अन्य लक्षण पैदा करती है।

जेनेट वुडकॉक, एमडी, एफडीए के दवा मूल्यांकन और अनुसंधान के लिए केंद्र के निदेशक ने कहा, "अमेरिका में सबसे अधिक निर्धारित अस्थमा और सीओपीडी इनहेलर्स में से एक के लिए पहली जेनेरिक दवा उत्पाद की आज की मंजूरी, कम लागत, उच्च गुणवत्ता वाले जेनेरिक विकल्पों के लिए अग्रिम पहुंच के लिए हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।"

उन्होंने कहा, "अस्थमा और सीओपीडी के रोगी अच्छी तरह से जानते हैं कि बेहतर महसूस करने के लिए उपचार का कितना ज़्यादा महत्व है। आज की स्वीकृति बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धा लाएगी जो अंततः इस दवा का उपयोग करने वाले रोगियों को लाभान्वित करेगी।”

अन्ना अब्राम, एफडीए के नीति, योजना, विधि निर्माण और विश्लेषण के लिए उपायुक्त ने कहा, "एफडीए ने जाना हार्ड-टू-कॉपी कॉम्प्लेक्स जेनेरिक दवा बनाने के लिए कंपनियों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे दवा-उपकरण संयोजन उत्पाद, जब दवाओं को इस तरह से साँस लेने वाले उपकरणों में शामिल किया जाता है।"

उन्होंने यह भी कहा, ''हम जटिल उत्पादों के जेनेरिक संस्करणों को अधिक कुशल तरीके से बनाने के लिए प्रायोजकों के लिए नए पथ-प्रदर्शन के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम प्रस्तावित जेनेरिक जटिल उत्पादों को प्रावरण करने वाले कई अनुप्रयोगों की समीक्षा कर रहे हैं, जिनके लिए जेनेरिक को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।"

लंग इंडिया जर्नल के अनुसार, 2015 में भारत में लगभग 35.82 करोड़ लोग ब्रोन्कियल अस्थमा से प्रभावित थे। इसके अलावा, जैसा कि थोरैसिक बीमारी के जर्नल में कहा गया है, 2011 में भारत में सीओपीडी से होने वाली मौतों की संख्या 5,56,000 थी।

दवा का सेवन करने से पहले रोगियों को इस तथ्य का ध्यान रखना चाहिए कि इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। फ्लूटिकसोन प्रोपियोनेट और सलमेटेरोल इनहेलेशन पाउडर ऊपरी श्वसन पथ के संक्रमण या सूजन, गले के पीछे की सूजन (ग्रसनीशोथ), कर्कश आवाज या बोलने में परेशानी (डिस्फोनिया), मौखिक कैंडिडिआसिस, श्वसनीशोध, खांसी, सिरदर्द, मतली और अस्थमा के रोगियों में उल्टी का कारण हो सकता है।

सीओपीडी के रोगियों में, यह इनहेलेशन पाउडर निमोनिया, मौखिक कैंडिडिआसिस, गले में जलन, कर्कश आवाज या बोलने में परेशानी (डिस्फोनिया), विषाणुजनित श्वसन संक्रमण, सिरदर्द, और मस्कुलोस्केलेटल दर्द का कारण हो सकता है।

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