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गाँजा फूंकने की तुलना में गाँजा युक्त खाद्य पदार्थ अपना प्रभाव दिखाने के लिए अधिक समय लेते हैं।

गाँजा फूंकने से अधिक हानिकारक है गाँजा युक्त उत्पाद खाना

लेखक सोनम  •  
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गाँजा फूंकने से अधिक हानिकारक है गाँजा युक्त उत्पाद खाना
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कोलोराडो के अस्पताल में आपातकालीन कक्ष के दाखिल होने के आधार पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि गाँजा से बने खाद्य पदार्थ खाने से कई चिकित्सा संबंधित समस्याएं पैदा होती हैं। यह अध्ययन एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन नामक पत्रिका में 26 मार्च 2019 को प्रकाशित हुआ था।

गाँजा कैनबिस पौधे के सूखे फूलों से प्राप्त होने वाली एक मनःप्रभावी दवा है। गाँजा का उपयोग चिकित्सा और मनोरंजक गतिविधियों के लिए किया जाता है। इसका सेवन कई रूपों में किया जा सकता है।

कुछ लोग इसे सिगरेट के साथ मिलाकर धूम्रपान करते हैं। जबकि इसका उपयोग खाद्य रूप में भी किया जा सकता है जैसे कि पॉट-ब्राउनी, कुकीज़ या गमी बेयर।

वर्षों से गाँजा के सेवन या उसे फूंकने के निहितार्थ, उपयोग और दुष्प्रभाव पर एक बहस और चर्चा चल रही है। दुनिया के अधिकांश हिस्सों में, गाँजा का उपयोग अवैध है, जबकि दुनिया के कुछ राज्यों में यह कानूनी रूप से उपलब्ध है।

लोगों पर गाँजा के खाद्य पदार्थों के प्रभावों का निरीक्षण और अध्ययन करने के लिए विभिन्न अध्ययन किए गए हैं। कुछ क्षेत्रों में गाँजा के वैधीकरण के बाद से, उसकी खपत बढ़ गई है। पिछले कुछ वर्षों में, गाँजा के खाद्य पदार्थों के दुष्प्रभावों के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

यह अध्ययन युसीहेल्थ यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलोराडो के हॉस्पिटल एमरजेंसी डिपार्टमेंट में आयोजित किया गया था। इस अध्ययन में कैनबिस लेने से अस्पताल में दाखिल हुए 2,567 लोग शामिल थे और इनमें से लगभग 238 लोग कैनबिस से बने खाद्य पदार्थ खाने से दाखिल हुए थे। यह अध्ययन 2014-2016 के बीच किया गया था।

यह देखा गया कि कैनबिस से बने खाद्य पदार्थ खाने वाले लोगों में अस्पताल में भर्ती होने का कारण तीव्र मानसिक लक्षण (एक मानसिक विकार) (18%), नशा (48%), और हृदय संबंधी लक्षण (8%) थे। जबकि धूम्रपान किए हुए कैनबिस के कारण दाखिल हुए लोगों में भर्ती होने का कारण संभावित रूप से कैनबिनोइड हाइपरमेसिस सिंड्रोम (बार-बार उल्टी आने की स्थिति) (18%) था।

इससे दो लोगों की मौत भी हुई है और उनकी मौत गाँजा युक्त खाद्य पदार्थो से जुड़ी थी। एक पीड़ित ने गाँजा कुकीज़ को छः बार खाने के बाद अपने होटल की बालकनी से छलांग लगा दी। कथित रूप से एक और पीड़ित महिला है जिसके पति ने गाँजा युक्त खाद्य पदार्थ के साथ साथ कुछ दर्द निवारक दवाईयां खा कर अपनी पत्नी को मर डाला था।

गाँजा फूंकने की तुलना में गाँजा युक्त खाद्य पदार्थ अपना प्रभाव दिखाने के लिए अधिक समय लेते हैं। इस वजह से जो लोग गाँजा युक्त खाद्य पदार्थ खाते हैं वे आमतौर पर वांछित प्रभाव पाने के लिए आवश्यकता से अधिक खुराक ले लेते हैं। इससे अधिक मात्रा में गाँजा को लेने का खतरा बढ़ जाता है।

गाँजा में मौजूद मानसिक फेरबदल करने वाला सबसे नशीला रसायन डेल्टा-9-टेट्राहाइड्रोकार्बनबिनोल (टीएचसी) है। इस रसायन का दिमाग पर सबसे ज्यादा असर होता है।

डॉ. रिचर्ड ज़ेन, कोलोराडो अस्पताल के विश्वविद्यालय में डेपार्टमेंट ऑफ़ एमर्जेन्सी मेडिसिन के प्रमुख ने कहा, "यह कहना एक बात है कि एक व्यक्ति जिसने पहले गाँजा का इस्तेमाल किया हो, वह एक गाँजा युक्त सिगरेट को फूंकेगा या गाँजा युक्त चॉकलेट का एक छोटा टुकड़ा खाएगा।"

ज़ेन ने आगे कहा, "यह अलग बात है कि कॉलेज के छात्र जो बहुत भोले होते हैं, जो एक टीएचसी-युक्त लॉलीपॉप को खाते हैं और दो या तीन दिनों के लिए नशे में लीं हो जाते हैं, क्योंकि उन्होनें इससे पहले कभी THC के इस स्तर का सेवन नहीं किया होता।"

ऐसे अन्य अध्ययन भी किए गए हैं जो गाँजा की हृदय संबंधी जटिलताओं पर चिंता व्यक्त करते हैं। गाँजा के सेवन से गंभीर जटिलताएं और समस्याएं हुई हैं।

दुनिया में कई राज्य हैं जिनमें गाँजा युक्त खाद्य पदार्थ के हानिकारक प्रभावों और खपत करने के लिए निर्धारित मात्रा को इंगित करने वाले चेतावनी प्रतीकों की आवश्यकता है।

गाँजा के वैधीकरण के कई प्रभाव हैं जिन्हें ध्यान में रखा जाना चाहिए क्योंकि यह मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गाँजा का सेवन करने से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

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