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उच्च रक्तचाप से मस्तिष्क की मात्रा कम हो जाती है।

युवा वयस्कों में रक्तचाप में मामूली वृद्धि मस्तिष्क को प्रभावित कर सकती है

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युवा वयस्कों में रक्तचाप में मामूली वृद्धि मस्तिष्क को प्रभावित कर सकती है
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जर्मनी के लीपज़िग में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन कॉग्निटिव एंड ब्रेन साइंसेज के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए नए अध्ययन के अनुसार, 20 और 30 की उम्र के लोगों में रक्तचाप के स्तर में वृद्धि बुद्धि की मात्रा में कमी से जुड़ी होती है।

यह अध्ययन 23 जनवरी, 2019 को अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी की एक आधिकारिक पत्रिका में प्रकाशित किया गया था।

नए अध्ययन में यह पाया गया है कि बढ़े हुए रक्तचाप वाले लोगों में मस्तिष्क के कुछ क्षेत्रों में बुद्धि की मात्रा में कमी हो सकती है। उन्हें सामान्य रक्तचाप वाले लोगों की तुलना में मस्तिष्क की मात्रा में नुकसान होने का ख़तरा ज़्यादा होता है।

सामान्य रक्तचाप पारे के 120/80 मिलीमीटर (mmHg) से कम होता है। इस अध्ययन के लिए उच्च रक्तचाप 140/90 mmHg से ऊपर तय किया गया था।

यह अध्ययन 423 लोगों पर किया गया था। इसके प्रतिभागी 19 और 40 के बीच की औसत आयु के वयस्क थे। सभी प्रतिभागियों का एमआरआई ब्रेन स्कैन किया गया था और उनके रक्तचाप का भी विश्लेषण किया गया था।

शोधकर्ताओं ने रक्तचाप के निष्कर्षों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया। 41 प्रतिशत प्रतिभागियों में सामान्य रक्तचाप था और 29 प्रतिशत में 120/80 से 129/84 mmHg के बीच का रक्तचाप था।

इसके अलावा, 19 प्रतिशत प्रतिभागियों में 130/85 से 139/89 mmHg रक्तचाप पाया गया और 11 प्रतिशत प्रतिभागियों का 140/90 mmHg से अधिक का उच्च रक्तचाप था।

अध्ययन के लेखक अर्नो विलरिंगर और मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन कॉग्निटिव एंड ब्रेन साइंसेज के एमडी ने कहा, "पहले धारणा यह थी कि उच्च रक्तचाप से संबंधित मस्तिष्क की क्षति वर्षों से होने वाली उच्च रक्तचाप की स्पष्ट बीमारी के परिणामसरूप होती थी , लेकिन हमारे अध्ययन से पता चलता है कि बुद्धि में सूक्ष्म परिवर्तन उन युवा वयस्कों में भी देखे जा सकते हैं जिनमें पहले कभी उच्च रक्तचाप का निदान नहीं किया गया हो।"

विलरिंगर ने यह भी कहा, "यह जांच करने के लिए और शोध किए जाने चाहिए कि क्या इससे जीवन में बाद में स्ट्रोक, मनोभ्रंश और अन्य मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के होने का खतरा बढ़ सकता है।"

कुछ शोधकर्ताओं ने माना है कि मस्तिष्क की मात्रा में परिवर्तन वृद्ध लोगों में दिखाई देते हैं। यह वर्षों तक होने वाले उच्च रक्तचाप के कारण होते हैं।

जब इस अध्ययन के परिणामों में यह पता लगा कि रक्तचाप में उतार-चढ़ाव 20 की उम्र की शुरुआत में लोगों में भी उत्पन्न हो सकता है, तब यह धारणाएं विफल हो गईं।

सामान्य से ऊपर के रक्तचाप वाले लोगों के मस्तिष्क के क्षेत्रों में बुद्धि की मात्रा कम होती है। इसमें मस्तिष्क के ललाट और पार्श्विका लोब, हिप्पोकैम्पस, एमिग्डाला और थैलेमस शामिल हो सकते हैं।

इस अध्ययन के परिणामों से पता चला है कि रक्तचाप बढ़ने पर बुद्धि की मात्रा कम हो जाती है। उच्च रक्तचाप वाले लोगों में कुल 581 मस्तिष्क वॉक्सेल में बुद्धि की मात्रा कम हो गयी थी।

नए अध्ययन ने यह भी सुझाव दिया है कि उच्च रक्तचाप मस्तिष्क के कई हिस्सों में बुद्धि की मात्रा कम कर देता है। सामान्य रक्तचाप वाले समूहों में भी मस्तिष्क की मात्रा कम पायी गयी थी।

अध्ययन के लेखकों में से एक ने कहा कि यह शोध आगे के अध्ययनों को संचालित करने का आधार बन सकता है। इससे यह भी निर्धारित करने में मदद मिलेगी कि युवा वयस्कों में रक्तचाप की निगरानी और प्रबंधन कैसे किया जा सकता है।

हम इस अध्ययन पर पूरी तरह से भरोसा करके यह नहीं कह सकते कि सामान्य से ऊपर रक्तचाप होने से मस्तिष्क में बुद्धि की मात्रा में परिवर्तन होता है।

इस नवीनतम अध्ययन से पता चलता है कि शुरुआती वयस्कता में रक्तचाप को संभालना और प्रबंधित करना आवश्यक है। यह मस्तिष्क के अप्रत्यक्ष परिवर्तनों को रोकने में मददगार होगा। क्यूंकि मस्तिष्क में बदलाव अंग की क्षति के कोई लक्षण नहीं दिखाते जैसे कि आघात और मनोभ्रंश इसलिए इसे नियंत्रित करना और भी आवश्यक हो जाता है।

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