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मानव कंकाल संबंधी डिसप्लेसिया शिशुओं में हड्डी के विकास से संबंधित एक विकार है।

नए कंकाल संबंधी रोग की खोज

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नए कंकाल संबंधी रोग की खोज
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कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट स्वीडन के वैज्ञानिकों ने एक नए और असामान्य कंकाल संबंधी रोग की खोज की है। 25 फरवरी 2019 को इस रोग के आणविक प्रक्रिया के बारे में एक अध्ययन नेचर मेडिसिन में प्रकाशित किया गया था।

एक ऐसे नए कंकाल संबंधी रोग की खोज की गई है, जो मानव कंकाल संबंधी डिसप्लेसिया का एक प्रकार है। मानव कंकाल संबंधी डिसप्लेसिया शिशुओं में हड्डी के विकास से संबंधित एक विकार है। यह कंकाल संबधी प्रभाव वाला आनुवंशिक विकार है।

यह नई खोज ग्रीडर गरिजिलेनीएने ने की है जो एक चिकित्सक और इस अध्ययन के प्रमुख लेखक हैं। यह रोग पहली बार एक स्वीडिश परिवार में पाया गया। उनके निदान के दौरान, वैज्ञानिकों ने यह खोज की।

यह अध्ययन रोग की क्रियाविधि की व्याख्या करता है जिसमें छोटे आरएनए (RNA) अणु एक भूमिका निभाते हैं। इस अध्ययन के दौरान देखे गए अणुओं को जन्मजात मानव रोग में पहले कभी नहीं खोजा गया था। RNA जीन की संकेतीकरण, कूटानुवाद, अभिव्यक्ति और विनियमन में जैविक भूमिकाओं के लिए एक आवश्यक अणु है।

वैज्ञानिकों ने MIR140 नामक जीन में रोग पैदा करने वाले उत्परिवर्तन की पहचान की। यह जीन एक माइक्रो-RNA (miR-140) को जन्म देता है और प्रोटीन को नहीं। यह छोटा RNA अन्य जीन को नियंत्रित करता है।

यह उत्परिवर्तन सामान्य कार्य को हटा कर अलग कार्य करने लग जाते हैं। इस क्रियाविधि को न्यूमॉर्फिक कहा जाता है। मानव जन्मजात रोग में मौजूद छोटे RNAs वाली इस प्रक्रिया को पहले कभी नहीं समझाया गया है।

इसके अलावा, मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल, अमेरिका के बोस्टन में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं ने इस रोग का एक चूहे का नमूना बनाया। शोधकर्ताओं ने देखा कि जानवरों के कंकालों ने अध्ययन में मौजूद रोगियों के समान ही विकृति बनाई।

आगे वैज्ञानिकों ने यह भी देखा कि पाए गए उत्परिवर्तन विकास प्लेटों में और नलीदार हड्डियों के सिरों में कई महत्वपूर्ण जीन की असामान्य अभिव्यक्ति की ओर जाते हैं।

ग्रीडर गरिजिलेनीएने कहते हैं, "इसके कारण कंकाल की वृद्धि में बदलाव, विकृत जोड़ और उन रोगियों में उपास्थि कोशिकाओं की विलंबित परिपक्वता होती है जिनके छोटे कद, छोटे हाथ-पैर और जोड़ों में दर्द रहता है।"

लेखकों का मानना है कि प्राप्त परिणाम इस कंकाल संबंधी रोग से पीड़ित रोगियों के लिए महत्वपूर्ण हैं और वैज्ञानिकों को छोटे आरएनए अणुओं और मानव जन्मजात रोग में उनकी भूमिका को समझने में मदद करने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

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