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45 और उससे अधिक उम्र के पिता के बच्चे में समय से पहले और कम वजन के साथ पैदा होने की संभावना 14% अधिक होती है।

बड़ी उम्र में पिता बनना हो सकता है शिशु के लिए हानिकारक

लेखक सोनम  •  
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बड़ी उम्र में पिता बनना हो सकता है शिशु के लिए हानिकारक
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कई अध्ययनों से पता चलता है कि बड़ी उम्र में माँ बनने के साथ-साथ, बड़ी उम्र में पिता बनना भी शिशु के लिए हानिकारक होता है।

आजकल लोग बहुत बड़ी उम्र में माता-पिता बन रहे हैं। लोग पहले अपनी पढाई खत्म करते हैं और अपना व्यवसाय सुरक्षित करने के बाद परिवार शुरू करते हैं। पिछले कुछ दशकों से इस प्रवृत्ति का पालन किया जा रहा है।

लोग देर से शादी करते हैं और उसके भी बहुत बाद में परिवार शुरू करते हैं। बहुत से लोगों को यह एहसास नहीं होता है कि इस प्रवृत्ति के कारण गर्भावस्था, माँ और शिशुओं के स्वास्थ्य में समस्याएं होती हैं।

ज्यादातर महिलाएं बुढ़ापे में गर्भवती होने पर अपने और अपने बच्चे के प्रजनन संबंधी जोखिमों से अवगत होती हैं। जबकि लोग अक्सर उन जोखिमों के बारे में ध्यान नहीं देते जो बड़ी उम्र में पिता बनने के दौरान एक आदमी योगदान देता है।

हिलेरी के. ब्राउन द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि न केवल महिलाओं की बढ़ती उम्र बच्चे और माँ के स्वास्थ्य जोखिम कारकों में भूमिका निभाती है, बल्कि पिता की उम्र भी मायने रखती है।

बीएमजे नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि पिता की उच्चतर उम्र समय से पहले बच्चे का जन्म, कम अपगार स्कोर और बच्चे के कम वजन के बढ़ते जोखिमों से जुड़ी है। बड़ी उम्र में पिता बनने को जन्मजात रोगों, न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों, द्विध्रुवी विकार और कैंसर के साथ पैदा होने वाले शिशुओं के साथ भी जोड़ा जाता है।

अध्ययन में पाया गया कि 20 और 30 की उम्र के पिता की तुलना में 45 और उससे अधिक उम्र के पिता के बच्चे में समय से पहले और कम वजन के साथ पैदा होने की संभावना 14% अधिक होती है। अध्ययन से यह भी पता चला कि बढ़ी उम्र की महिलाओं में गर्भकालीन मधुमेह होने का जोखिम 28% होता है।

प्रजनन क्षमता और शुक्राणु शक्ति एक पिता बनने की क्षमता में एक भूमिका निभाते हैं। शुक्राणु की मात्रा उम्र के साथ कम हो जाती है जो एक अंडे का निषेचन करने के लिए पुरुष के शुक्राणु की क्षमता को कम करती है। पर्यावरणीय सम्पर्क और उत्परिवर्तन भी भ्रूण और नाल दोनों के लिए विकास कारकों को प्रभावित कर सकते हैं।

यह सुझाव दिया जाता है कि पुरुषों और महिलाओं दोनों को अभी या बाद में बच्चा करने के जोखिम कारकों और फायदों के प्रति जागरूकता होने आवश्यकता है। विशेषज्ञों द्वारा यह भी सलाह दी जाती है कि स्वस्थ गर्भावस्था के लिए सभी को स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए और अपने बच्चों को जन्म से होने वाली बीमारियों के खतरे से बचाना चाहिए।

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