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लगभग 12% भारतीय आबादी में गुर्दे की पथरी होने की संभावना है।

गुर्दे की पथरी का पता लगाने के लिए उपकरण का निर्माण

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गुर्दे की पथरी का पता लगाने के लिए उपकरण का निर्माण
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मायो क्लिनीक के शोधकर्ताओं ने मानव शरीर में गुर्दे की पथरी की पुनरावृत्ति का पता करने के लिए एक ऑनलाइन पूर्वानुमान उपकरण विकसित किया है।

यह अध्ययन फरवरी 2019 में द मायो क्लिनिक प्रोसीडिंग्स में प्रकाशित हुआ था।

मायो क्लीनिक के शोधकर्ता रेकर्रेंस ऑफ़ किडनी स्टोन (ROKS) नामक एक पूर्वानुमान उपकरण का सफलतापूर्वक आविष्कार करने में सक्षम हुए। यह उपकरण रोगियों को यह अनुमान लगाने में मदद कर सकता है कि यदि वे भविष्य के पत्थरी का अनुभव करने की संभावना रखते हैं या नहीं।

आर.ओ.के.एस (ROKS) एक कैलकुलेटर है जिसमें मरीज अपना लिंग, आयु, पिछले पत्थरी के इतिहास आदि जैसे विवरण भर सकते हैं। उपकरण तब गणना करता है और पुनरावृत्ति के सकारात्मक या नकारात्मक संकेतों को दिखाता है। आर.ओ.के.एस अब ऑनलाइन और मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है।

गुर्दे की पथरी तरल पदार्थों की कमी के कारण शरीर के अंदर कचरे के जमाव को कहते हैं। यह दुनिया के लगभग सभी देशों में पाई जाने वाली सबसे आम बीमारियों में से एक है। यह सभी लिंगों और उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि यह रोग एक बार ठीक होने के बाद फिर से हो सकता है लेकिन पथरी की पुनर्वृत्ति का खतरा हर मरीज़ पर अलग होता है। हो सकता है कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद दर्द से न गुज़रना पड़े, लेकिन कुछ को दर्द के कई चक्रों का सामना करना पड़ सकता है, नियमित रूप से अस्पताल का दौरा करना पड़ सकता है, और पथरी भी दोबारा हो सकती है। आंकड़े बताते हैं कि 22% तक मामलो में एक बार ठीक होने क बाद पत्थरी वापिस आ सकती है।

रोचेस्टर एपिडेमियोलॉजी प्रोजेक्ट से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने 1984 और 2017 के बीच ओल्मस्टेड काउंटी के कुछ पीड़ितों की जांच की। यह पाया गया कि ज्यादातर कम उम्र के लोगों, पुरुषों, उच्च बॉडी मास इंडेक्स, गर्भावस्था का इतिहास, और पथरी के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों में पथरी के पुनरावृत्ति के लक्षण दिखाई दिए। इसके अलावा, पत्थर का आकार हर घटना के बाद अधिक बड़ा पाया गया।

इस जानकारी का उपयोग करते हुए, शोधकर्ता रेकर्रेंस ऑफ़ किडनी स्टोन (ROKS) नामक पूर्वानुमान उपकरण को विकसित करने में सक्षम हुए। और अब, अनुसंधान परिणामों ने इस उपकरण द्वारा प्रदान की गई भविष्यवाणियों में सुधार किया है।

चूंकि पुनरावृत्ति का जोखिम एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होता है, यह उपकरण रोगियों और उनकी देखभाल करने वालों, दोनों को निर्देशित कर सकता है कि पुनरावृत्ति के जोखिम को कम करने के लिए उपचार को प्रभावी ढंग से कैसे बदलना चाहिए।

पथरी दुबारा होने पर तीव्र गुर्दे की चोट, मूत्र पथ के संक्रमण, कम मूत्र पथ के लक्षण और, समय के साथ प्रगतिशील गुर्दे में खराबी भी हो सकती है।

"जिन जोखिम कारकों की हमने पहचान की उनमें से प्रत्येक को मॉडल में दर्ज किया गया है, जो तब अगले पांच या 10 वर्षों में एक और गुर्दे की पथरी होने के जोखिम के अनुमान की गणना करता है," जॉन लिसेके, एमडी, अध्ययन शोधकर्ताओं में से एक ने कहा।

भविष्य के किडनी स्टोन के प्रकरणों की संभावना को जानकर, डॉ. लिसेके का कहना है कि इससे मरीजों के "आहार संबंधी उपायों को अपनाने और/या ड्रग रिजीम शुरू करने के उत्साह को बढ़ावा दिया जा सकता है ताकि भविष्य में होने वाले हमलों को रोका जा सके।"

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षो में गुर्दे की पथरी से पीड़ित महिलाओं, बच्चों और गैर-गोरों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। यह बीमारी समान रूप से भारत में भी आम है। भारतीय आबादी के कुल 12% लोगों में मूत्र पथरी होने की संभावना है और इसमें से 50% में गुर्दे के कार्यों की हानि हो सकती है।

ROKS मॉडल में उपयोग की गई जानकारी ओल्मस्टेैड काउंटी, मिनेसोटा में आयोजित शोधों पर आधारित है। इस जानकारी को अभी भी देश के अन्य हिस्सों में मान्य किए जाना बाकी है।

हालाँकि इस बीमारी को ठीक करने के लिए कई तरह की कोशिशें और परीक्षण किए जा चुके हैं, लेकिन यह बीमारी फिर से होने का जोखिम बहुत आम है। इस प्रकार, गुर्दे की पथरी का शरीर में किस तरह विकास होता है, इस बात का थोड़ा ज्ञान होने पर मरीज़ अपने उपचार में सुधार कर सकते है।

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