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यह माना जाता है कि गर्म मौसम में मक्खियों की गतिविधि बढ़ जाती है।

गर्म मौसम मतलब अधिक मक्खियां और अधिक रोग

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गर्म मौसम मतलब अधिक मक्खियां और अधिक रोग
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गुलेफ विश्वविद्यालय और वाटरलू विश्वविद्यालय ओंटारियो के वैज्ञानिकों का सुझाव है कि एक गर्म मौसम का अर्थ है अधिक मक्खियां। यह अध्ययन 13 फरवरी 2019 को रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस में प्रकाशित हुआ था।

पिछले कुछ वर्षों से मौसम परिवर्तन सबसे अधिक चर्चा का विषय है। मौसम में बदलाव सभी को एक स्तर पर प्रभावित करते हैं जो कि चिंता का कारण है।

मौसम के बदलाव का कीड़ों पर भी असर पड़ता है। ऐसा कहा जाता है कि अगले कुछ दशकों के भीतर कीड़ों की आबादी विलुप्त हो सकती है। पर्यावरणीय परिस्थितियों में होने वाले बदलाव इसके पीछे एक बड़ा कारण है।

इसके विपरीत, एक अध्ययन का कहना है कि मौसम में बदलावों की प्रक्रिया में विशेष रूप से गर्म मौसम में मक्ख़ियों की गतिविधि बढ़ जाती है।

एमी ग्रीर, गणितीय नमूना बनाने वाली और अध्ययन के लेखकों में से एक कहती हैं, "गर्म परिदृश्य के तहत आपके पास एक उड़ने वाली मक्ख़ियों की बड़ी आबादी होगी जो लंबे समय तक घूमने में सक्षम होगी।"

ऐसा माना जाता है कि मक्खियाँ गर्म मौसम में बेहतर तरीके से रह पाती हैं। मौसम गर्म होने पर मक्खियाँ अधिक सक्रिय होती हैं। मक्खी की गतिविधि में वृद्धि के साथ, कैम्पिलोबैक्टर के संचरण में वृद्धि होने की भी संभावना है।

कैम्पिलोबैक्टर एक जीवाणु संक्रमण है जो मनुष्यों में आंत्रशोथ का कारण बनता है। यह भोजन विषात्तन का एक मुख्य कारण है।

मिलनी कज़न्स अध्ययन के लेखकों में से एक, उन्होनें अलग-अलग गर्मी के मौसम के तहत जीवाणु और कीड़ों के प्रतिरूप का निर्माण और अवलोकन किया। परिणामों ने संकेत दिया कि मक्खी की संख्या में वृद्धि ज्यादा महत्व की नहीं थी।

लेकिन अगर गर्म तापमान में वृद्धि जारी रहती है, तो एक संभावना यह है कि कैम्पिलोबैक्टर की घटनाएं मक्खी की गतिविधि में वृद्धि के कारण वर्ष 2080 तक दोगुनी से अधिक हो सकती हैं।

यह ध्यान में रखना चाहिए कि वैज्ञानिकों ने मक्खियों के भोजन बैठने पर कोई परीक्षण नहीं किया, यह जांचने के लिए कि क्या वे जीवाणु छोड़ रही हैं। हालांकि, पिछले अध्ययनों से संकेत मिलता है कि मक्खियां कैम्पिलोबैक्टर ला सकती हैं, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं है कि मौसम के गर्म होने से उनकी ऐसा करने की क्षमता बढ़ जाएगी।

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन ने भी कैम्पिलोबैक्टर के संबंध में मक्खियों पर एक अध्ययन किया। उनके पास मिले साक्ष्य के साथ एक परिकल्पना भी थी। उन्हें पता चला कि मक्खियाँ कैम्पिलोबैक्टर को ला सकती हैं।

यह अध्ययन कई मान्यताओं पर आधारित है और इस अध्ययन को साबित करने के लिए कोई ठोस घटनाएं नहीं हैं, क्योंकि परिणाम एक गणितीय मॉडल पर किए गए थे। फिर भी, वैज्ञानिक इस अध्ययन को ध्यान में रख रहे हैं और आगे के अध्ययन पर काम कर रहे हैं।

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