Get a month of TabletWise Pro for free! Click here to redeem 
Pharmacy Website
Clinic Website
TabletWise.com TabletWise.com
 

टाइप 1 मधुमेह

स्वास्थ्य    Diabetes    टाइप 1 मधुमेह

टाइप 1 मधुमेह क्या है?

मधुमेह तब होता है जब आपके रक्त में शक़्कर की मात्रा अधिक हो जाती है। रक्त में ग्लूकोज़़ ऊर्जा का मुख्य स्रोत है जिसे आप अपने भोजन से प्राप्त करते हैं। अग्न्याशय ग्रंथि (एक प्रकार की पाचक ग्रंथि) द्वारा बनाया गया हार्मोन इंसुलिन, आपके शरीर में ग्लूकोज़़ को रक्त से कोशिकाओं के अंदर पहुंचाता है, जिससे कोशिकाएं ऊर्जा प्राप्त करती हैं। एक अन्य हार्मोन, ग्लूकागॉन, रक्त में ग्लूकोज़़ के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन के साथ काम करता है।

टाइप 1 मधुमेह वाले अधिकांश लोगों में, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, जो आमतौर पर संक्रमण से लड़ती है, अग्न्याशय (Pancreas) में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला कर उसे नष्ट कर देती है। परिणामस्वरूप आपका अग्न्याशय इंसुलिन बनाना बंद कर देता है। इंसुलिन के बिना, ग्लूकोज़़ आपकी कोशिकाओं में नहीं जा पाता और आपके रक्त में ग्लूकोज़़ सामान्य से अधिक होने लगता है। टाइप 1 मधुमेह वाले लोगों को जीवित रहने के लिए हर दिन इंसुलिन लेने की जरूरत होती है।

किन लोगों में टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) होने की संभावना अधिक है?

टाइप 1 मधुमेह आमतौर पर बच्चों और युवा वयस्कों में होता है, हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है। अगर आपके माता-पिता या भाई-बहन को यह बीमारी है तो इस स्थिति में भी आपको मधुमेह होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) के लक्षण क्या हैं?

टाइप 1 मधुमेह के लक्षण गंभीर होते हैं तथा आमतौर पर हफ्ते के कुछ ही दिनों में दिखने लगते हैं। ये लक्षण निम्न हैं:

कभी-कभी टाइप 1 मधुमेह के पहले लक्षण डायबिटिक केटोएसिडोसिस जैसे होते हैं जो जिंदगी के लिए खतरनाक स्थिति है। इस से संबंधित कुछ लक्षण निम्नलिखित हैं-

  • सांसों में फलों जैसी गंध आना
  • सूखी या लाल त्वचा
  • जी मिचलाना या उल्टी आना
  • पेट दर्द
  • साँस लेने में कठिनाई
  • ध्यान देने में परेशानी या उलझन में रहना

डायबिटिक केटोएसिडोसिस एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है। यदि आप और आपके बच्चे में इसके लक्षण हैं, तो तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें, या निकटतम अस्पताल में जाएं।

टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) होने के क्या कारण हैं?

विशेषज्ञों का मानना है टाइप 1 मधुमेह की समस्या जीन और पर्यावरण कारक जैसे वायरस के कारण होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) का निदान कैसे करते हैं?

सामान्यतः किसी व्यक्ति में टाइप 1 मधुमेह के स्पष्ट लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके निदान के लिए रैंडम प्लाज्मा ग्लूकोज़़ जाँच का उपयोग करते हैं। यह जाँच आपके वर्तमान रक्त में ग्लूकोज़़ के स्तर को मापता है। लेकिन आपके रक्त में पिछले कितने समय से ग्लूकोज़़ का उच्च स्तर है यह जानने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक अन्य रक्त जांच ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का भी उपयोग करते हैं।

भले ही यहां दी गई जाँच यह पुष्टि कर सकती है कि आपको मधुमेह है, लेकिन यह ये नहीं बता सकती कि आपको किस टाइप का मधुमेह है। इसका उपचार मधुमेह के प्रकार पर निर्भर करता है, इसलिए आपको टाइप 1 मधुमेह है या टाइप 2 यह जानना बहुत जरूरी है।

आपको टाइप 1 मधुमेह है या नहीं यह जानने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपके रक्त में कुछ ऑटो एंटीबॉडीज़ की उपस्थिति की जांच कर सकते हैं। ये ऑटो एंटीबॉडीज़ ग़लती से आपके स्वस्थ उतकों व कोशिकाओं पर हमला कर उन्हें नुकसान पहुँचाते हैं। रक्त में इस तरह की ऑटो एंटीबॉडीज़ की उपस्थिति केवल टाइप 1 मधुमेह में ही पायी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपके परिवार के सदस्यों में भी ऑटो एंटीबॉडीज़ की उपस्थिति की जाँच कर सकते हैं, क्योंकि टाइप 1 मधुमेह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में भी जा सकता है। यदि परिवार के किसी सदस्य में मधुमेह के लक्षण नहीं हैं, लेकिन उनमें ऑटो एंटीबॉडीज़ उपस्थित हैं तो इन सदस्यों में टाइप 1 मधुमेह होने की अधिक संभावनाएं होती हैं। यदि आपके भाई, बहन, बच्चे व माता पिता किसी को भी टाइप 1 मधुमेह है तो आपको ज़रूर ऑटो एंटीबॉडी जांच करवानी चाहिए। 20 या इससे कम उम्र के लोग, जिनके चचेरे भाई-बहन, ममेरे भाई-बहन, बुआ, भांजा-भांजी, भतीजा-भतीजी, दादा-दादी व सौतेले भाई-बहन इत्यादि किसी को भी टाइप 1 मधुमेह है, तो उन्हें भी यह जाँच ज़रूर करवानी चाहिए।

टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) के इलाज के लिए आपको कौन-कौन सी दवाएँ लेनी चाहिए?

यदि आपको टाइप 1 मधुमेह है, तो आपको इंसुलिन लेना चाहिए क्योंकि आपका शरीर अब इस हार्मोन को बनाने में असमर्थ है। विभिन्न प्रकार के इंसुलिन विभिन्न प्रकार की गतियों से कार्य करते हैं, और प्रत्येक के प्रभावी रहने का समय भी अलग-अलग होता है। आपको एक से अधिक प्रकार के इंसुलिन के उपयोग करने की जरूरत भी हो सकती है। आप इंसुलिन को कई तरीकों से ले सकते हैं। सामान्य तरीकों में सुई और सिरिंज, इंसुलिन पेन, या इंसुलिन पंप शामिल हैं।

कुछ लोग, जो इंसुलिन लेने के बाद भी रक्त में ग्लूकोज़ के सामान्य स्तर को प्राप्त नहीं कर पाते हैं, ऐसी स्थिति में इन्हें इंसुलिन के साथ-साथ अन्य मधुमेह की दवाइयाँ जैसे प्रामलिनटाइड(Pramlintide)लेने की भी जरूरत पड़ सकती है। प्रामलिनटाइड इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है, जो खाने के बाद रक्त में ग्लूकोज़़ के स्तर को बहुत अधिक नहीं होने देता। टाइप 1 मधुमेह वाले कुछ लोग प्रामलिनटाइड लेते हैं, हालांकि मधुमेह की एक अन्य दवा, मेटफॉर्मिन(metformin), जो इंसुलिन लेने की मात्रा को कम करने में मदद कर सकती है। शोधकर्ता अन्य मधुमेह की दवाइयों का भी अध्ययन कर रहे हैं जिन्हें टाइप 1 मधुमेह वाले लोग इंसुलिन के साथ ले सकें।

यदि आप अपनी इंसुलिन की खुराक को अपने भोजन या शारीरिक गतिविधि से मेल नहीं करेंगे तो रक्त प्रवाह में ग्लूकोज की कमी (Hypoglycemia) या रक्त में शर्करा की कमी जैसी समस्या हो सकती है। रक्त प्रवाह में ग्लूकोज की कमी खतरनाक स्थिति हो सकती है और इसका तुरंत इलाज किया जाना चाहिए।

आप टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) का प्रबंधन कैसे कर सकते हैं?

आप प्रतिदिन स्वयं की देखभाल तथा समय पर इंसुलिन व अन्य दवाइयाँ लेकर मधुमेह का नियंत्रण कर सकते हैं। उचित भोजन योजना, शारीरिक रूप से सक्रिय तथा समय पर रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर की जाँच स्वयं को स्वस्थ रखने के कुछ तरीके हैं। यदि आप मधुमेह के साथ गर्भवती होने की योजना बना रही हैं, तो गर्भवती होने से पहले रक्त में ग्लूकोज़़ के स्तर को सामान्य पर लाने की कोशिश करें।

क्या आपके पास टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) के लिए अन्य उपचार विकल्प हैं?

कृत्रिम अग्न्याशय एक प्रकार की तकनीक है, जिसके द्वारा टाइप 1 मधुमेह वाले लोगों में रक्त में ग्लूकोज़़ के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। यह तकनीक दिन-भर के रक्त में ग्लूकोज़़ के स्तर को मापती है तथा उपयुक्त समय पर इंसुलिन या इंसुलिन और ग्लूकागॉन का मिश्रण प्रदान कर देती है, जिस कारण इस तकनीक में नियमित ग्लूकोज़ जांच व इंसुलिन लेने की जरूरत नहीं होती।

हाइब्रिड बंद लूप प्रणाली, कृत्रिम अग्न्याशय तकनीक का एक प्रकार है, जो दिन व रात प्रत्येक 5 मिनट में रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को मापती है तथा एक इंसुलिन पंप की सहायता से स्वतः ही इंसुलिन की सही मात्रा प्रदान करती है। जब आपको सुधार खुराक की जरूरत होती है तो आपको तुरंत पंप पर इंसुलिन की मात्रा को हाथ से समायोजित करने की जरुरत है। आपको दिन में कई बार ग्लूकोज़़ मीटर के साथ अपने रक्त की जांच करने की जरुरत होगी। आप अपने स्वास्थ्य सलाहकार से भी इस तकनीक के बारे में पूछ सकते हैं।

निरंतर ग्लूकोज़़ मॉनीटर एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के माध्यम से सूचना भेजता है जिसे एल्गोरिदम नियंत्रण कहा जाता है। आपके ग्लूकोज़़ स्तर के आधार पर, एल्गोरिदम इंसुलिन पंप को बताता है कि कितना इंसुलिन वितरित करना है। सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम को पंप या किसी अन्य उपकरण जैसे सेल्लफ़ोन या कंप्यूटर पर स्थापित किया जा सकता है।

कृत्रिम अग्न्याशय तकनीक टाइप 1 मधुमेह से ग्रसित लोगों के साथ साथ टाइप 2 तथा गर्भावस्था में मधुमेह से ग्रसित लोगों में भी उपयोग की जा सकती है।

अग्नाशयी आइलेट प्रत्यारोपण एक प्रकार का प्रयोगात्मक इलाज है, जो अनियंत्रित रहने वाली टाइप 1 मधुमेह के उपचार में उपयोग किया जा सकता है। अग्न्याशय की आइलेट कोशिकाएँ इंसुलिन निर्माण करती हैं लेकिन टाइप 1 मधुमेह में ये कोशिकाएं नष्ट हो जाने के कारण इंसुलिन नहीं बना पाती। अग्न्याशयी प्रत्यारोपण द्वारा, इन नष्ट हुई कोशिकाओं को नई व इंसुलिन बनाने वाली आइलेट कोशिकाओं से बदल दिया जाता है। इस प्रक्रिया में एक अंग दाता व्यक्ति के अग्न्याशय से आइलेट कोशिकाएँ ली जाती हैं और टाइप 1 मधुमेह से ग्रसित व्यक्ति में प्रत्यारोपित कर दी जाती हैं। अग्न्याशयी आइलेट प्रत्यारोपण पर अभी शोध चल रहे हैं और यह प्रक्रिया केवल शोध में नामांकित लोगों के लिए ही उपलब्ध है।

टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) वाले लोगों में कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं?

लंबे समय तक, रक्त में ग्लूकोज़़ उच्च रहने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं -

यदि आपको टाइप 1 मधुमेह है, तो आप अपने रक्त में ग्लूकोज़़, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को प्रबंधित करके एवं स्व-देखभाल योजना का पालन कर, मधुमेह से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को कम कर सकते हैं।

क्या आप टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes) होने की संभावना को कम कर सकते हैं?

फ़िलहाल, टाइप 1 मधुमेह की रोकथाम नहीं की जा सकती।

समान विषय

संबंधित विषय


साइन अप